रहबर

रहबर

रहबर का साया खुदा के ज़िक़्र से बेहतर है
सैंकड़ों खानों व पकवानों से सबर बेहतर है

देखने वाले की आंख सौ लाठियों से बेहतर है
आंख पहचान लेती क्या मोती क्या पत्थर है

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